*  उत्तराखण्ड की समस्त वन रेंजों में बांस की नर्सरी स्थापित करना Bamboo & Fiber Development Board का लक्ष्य है।

* राज्य के समस्त वन प्रभागों में बैम्बू सेटम स्थापित किये जा चुकें हैं।

*   उत्तराखण्ड बैम्बू बोर्ड द्वारा भी बांस वृक्षारोपण कार्य का आरम्भ करते हुए 305 हैक्टेयर क्षेत्र में बांस वृक्षारोपण किया गया जो कि इंग्लैन्ड इन्टरनेशनल लिमिटेड से प्राप्त वित्तीय सहायता द्वारा कराया गया।

*  बांस के लिए Centres of Excellence लच्छीवाला एवं पनियाली, कोटद्वार में स्थापित किये गये हैं।

*  वर्तमान में उत्तराखण्ड  में बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2004-05 में राज्य आकस्मिता निधि से प्राप्त रु0 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई।

 *  बांस एवं रिंगाल के वृक्षारोपण के लिए X;kjgohaपंचवर्षीय वर्ष 2007-12 के लिए 5761.53 लाख रु0 की धनराशि प्रLrkfor की गई। 

  उत्तराखण्ड वन विकास निधि के माध्यम से वन विश्राम भवनों का जीर्णोद्धारः- वर्ष 2003-04 में उत्तराखण्ड  वन विकास निधि के गठन के पश्चात्‌ स्वीकृत रु0 50 लाख एवं वर्ष 2004-05 में स्वीकृत रु0 50 लाख कुल 1 करोड़ के सापेक्ष रु0 71.75 लाख विभिन्न प्रभागों को स्वीकृत किया जा चुका है। उत्तराखण्ड वन विकास निधि की नियमावली के अनुसार आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक प्रभाग के अधीन पी0एल0ए0 खाता खोलकर किया जा रहा है।

  बायोफ्‌यूल (जैविक ईंधन):- जैट्रोफा नामक वानस्पतिक प्रजाति को बायोफ्‌यूल के तौर पर सामुदायिक भागीदारी के साथ विकसित करने का निश्चय किया गया है एवं इसके व्यवसायिक उपयोग हेतु उत्तराखण्ड  बायोफ्‌यूल्स लिमिटेड के साथ अनुबन्ध भी किया जा चुका है। जिसके अन्तर्गत  वन पंचायतों एवं संयुक्त वन प्रबंध समितियों के माध्यम से जैट्रोफा का रोपण किया जाएगा तथा उत्पादित जैट्रोफा के बीजों का विपणन उत्तराखण्ड  वन विकास निगम के माध्यम से किया जाएगा।

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