अनुसंधान वन विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। वर्ष 1918 से सिल्विकल्चर प्रभाग की स्थापना उत्तर प्रदेश वन विभाग में की गयी थी। अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य वनों का संरक्षण विकास एवं उत्पादकता बढाना रहा है तथा प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक विदोहन द्वारा प्राकृतिक व सामाजिक निरन्तरता को बनाये रखना हैं। उत्तराखण्ड राज्य में वन अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं। अतः वनों पर निर्भर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अनुसंधान वृत्त निरन्तर प्रयास करता रहा हैं।
    वर्ष 2006-07  के लिए निर्धारित आय व्ययक रु0 108.16 लाख के सापेक्ष रु0 108.16 लाख का व्यय किया गया हैं। विभाग द्वारा निम्न महत्वपूर्ण कार्य अनुसंधान के माध्यम से गुणवत्ता विकास हेतु किये जा रहे हैं।
गाटाओं का
विवरण
31.3.2006 2006-07 में
बन्द किये
गये गाटों की
संख्या
2006-07 में
प्रारम्भ किये
गये गाटों की संख्या
31.3.07
तक
कुल संख्या
प्रायोगिक गाटा 875 -- -- 875
परीक्षण गाटा 2 -- -- 2
सुरक्षित पेड़ 64 -- -- 64
स्थाई आदर्श गाटा 334 -- -- 334
अस्थाई आदर्श गाटा -- -- -- --
रेखा वृद्धि गाटा 3 -- -- 3
तुलनात्मक छ्टान गाटा -- -- -- --
वृक्ष वृद्धि गाटा 45 -- -- 45
छ्टान आवृत्ति गाटा -- -- -- --
आई टी आई पी 1 -- -- 1
सीड ट्री एवं प्लस ट्रीज
बीज वृक्ष गाटा
1637 -- -- 1637
(ब) क्षेत्रीय प्र0व0 के नियंत्रण में -- -- -- --
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