6. प्रायोगिक रोपण-निम्न प्रकार प्रायोगिक
गाटाओं की स्थापना की गयी-
अ. यूके0 ग्रेन्डिस प्रयोग-
अनुसंधान राजि गाजा के अन्तर्गत नलैना एवं कुरिया वन ब्लाकों
में 10 है0 क्षेत्र में वृद्धि एवं अतिजीवितता का अध्ययन करने हेतु यूके0 ग्रेन्डिस
प्रजाति का रोपण कार्य किया गया। विभिन्न स्थानों में कुल 25000 पौधों का रोपण
किया गया। इनका मापन कार्य किया जा रहा है। इसकी वृद्धि के वर्तमान आँकड़े उत्साहजनक
हैं।
ब. औंस घास प्रायोगिक रोपण-
औंस घास( Thysanolaena maxima) का चीड़ वनों के अन्तर्गत एक लम्बी पट्टी के रुप में
रोपण कर फ़ायर ब्रेक के रुप में इसके उपयोग सम्बन्धी अनुसंधान कार्य किया गया। निम्न
स्थानों पर यह कार्य कराया गया-
अनुसंधान राजि, गाजा
- खुर्पाताल वन ब्लाक
अनुसंधान राजि, गोपेश्वर-
त्रिशूला वन ब्लाक
स. अमेश ( Hippophae
salicifolia) हैज गार्डन की स्थापना- अनुसंधान राजि, लोहाघाट
के अन्तर्गत पातालथौड़ पौधालय क्षेत्र में जड़ी-बूटी प्रजाति अमेश के हैज गार्डन की स्थापना
हेतु 1200 पौध रोपित किये गये।
द. गत वर्ष में स्थापित प्रयोगों का अध्ययन-
प्रभाग के अन्तर्गत विगत वर्षों में स्थापित प्रयोगों से प्राप्त मापन आँकड़ों को कम्प्यूटरीकृत
कर उनका विश्लेषण किया गया। निम्न प्रकार महत्वपूर्ण प्रजातियों पर अध्ययन कर महत्वपूर्ण
परिणाम प्राप्त किये गये-
1. विदेशी चीड़ प्रजातियाँ एवं स्थानीय चीड़ प्रजाति के साथ तुलनात्मक
अध्ययन
2. यूकेलिप्टस की विभिन्न प्रजातियाँ
3. चमखड़िक
7. पौपलर क्लोन विकास कार्य- निम्न प्रकार प्रायोगिक
गाटाओं की स्थापना की गयी- अनुसंधान राजि गाजा के
अन्तर्गत गाजा पौधालय में पर्वतीय क्षेत्रों हेतु उपयुक्त पौपलर प्रजाति के नये क्लोनों
के विकास हेतु अनुसंधान कार्य किये गये। इस कार्य में विगत वर्ष में पौधशाला में लगाये
गये क्लोनों में से खराब( inferior) क्लोनों की छँटाई ( culling) की गयी। भविष्य में
इनकी वृद्धि व अतिजीवितता का अध्ययन कर नये क्लोन विकसित किये जाने की प्रक्रिया
चरणबद्ध रुप में पूर्ण की जायेगी।