स. बीज परीक्षण कार्य- निम्न प्रकार बीजों के परीक्षण कार्य किये गये-
         1. वायबिलिटि ज्ञात करना
         2. अंकुरण प्रतिशत ज्ञात करना
         3. बीज भार ज्ञात करना
         4. बीजों की शुद्धता ज्ञात करना 
         5. बुवाई पूर्व उपचार( प्री सोइंग ट्रीटमेंट) परीक्षण
         6. सीड ग्रेडिंग परीक्षण

  द. काफ़ल, बुरांश, तेजपात की पौधशाला तकनीक ज्ञात करना- काफ़ल, बुरांश, तेजपात आदि प्रजातियों का बीज से प्रवर्धन अत्यन्त कठिन होता है। अत: पौधशाला में इन प्रजातियों का बीज बुआन कर इनकी पौधशाला तकनीक प्रतिपादित करने का कार्य किया गया। इस कार्य में उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं।


  9. ग्राफ़्टिंग, बडिंग सम्बन्धी अनुसंधान कार्य- द्वारसों पौधालय में काफ़ल, बुरांश प्रजातियों में एयर लेयरिंग सम्बन्धी अनुसंधान कार्य किये गये। इनके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए है। आडू, पांगर प्रजातियों में जिंको बाइलोबा( Ginko biloba) की ग्राफ़्टिंग, बडिंग सम्बन्धी अनुसंधान कार्य किये गये।

  10. सांख्यिकीय कार्य- विगत वर्षों में स्थापित आदर्श गाटाओं, रेखा वृद्धि गाटाओं, वृक्ष वृद्धि गाटाओं का मापन कर प्राप्त आंकड़ों को कम्प्यूटरीकृत कर इनकी प्रगति का विश्लेषण किया गया। इनके प्राप्त मापन आंकड़ों का विश्लेषण कर महत्वपूर्ण प्रजातियों जैसे- चीड़, देवदार आदि की उत्पादकता सम्बन्धी अध्ययन किया गया।

  11. कम्पोस्ट सम्बन्धी अनुसंधान कार्य- विभिन्न पौधशालाओं में वर्मी कम्पोस्ट सम्बन्धी अनुसंधान कार्य किया गया। 
 
  12. अनुसंधान सम्बन्धी प्रकाशन- 
   (अ) प्रभाग द्वारा कराये जा रहे अनुसंधान सम्बन्धी कार्यो की जानकारी देने हेतु न्यूज लैटर "सिल्वा न्यूज"  का नियमित प्रकाशन किया गया। 
   (ब) बीजों सम्बन्धी विस्तृत जानकारी देने हेतु "बीज उत्पादन कार्यक्रम"  लीफ़लैट का प्रकाशन किया गया।
   (स) "वन अनुसंधान केन्द्र, कालिका, रानीखेत" लीफ़लैट का प्रकाशन किया गया।
   (द) "इंडियन फ़ारेस्टर"  जरनल में टैक्सस बकाटा एवं शीशम सम्बन्धी रिसर्च नोट प्रकाशित हुए। विदेशी चीड़ एवं तेजपात सम्बन्धी रिसर्च नोट प्रकाशनार्थ स्वीकृत हो चुके है।
Top