उत्तराखण्ड में पर्वतारोहण अभियान हेतु सेवा देने वाले स्थानीय टूर संचालकों हेतु दिशा निर्देश :- स्थानीय टूर संचालक, जो पर्वतारोहण हेतु असंगठित मजदूर व कोई अन्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं, को निम्न शर्तो के आधार पर स्थानीय प्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में पंजीकृत किया जाना होगा। उनका पंजीकरण प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा निम्न प्रतिबंधों के अधीन किया जाएगा।
1. जिन जिलों में वे कार्य कर रहे हैं, वहां का मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
2. चरित्र सत्यापन (प्रमाण पत्र) आवश्यक है।
3. वार्षिक पंजीकरण के समय रू0 1,000/- मात्र की जमानत धनराशि जो स्थानीय प्रभागीय वनाधिकारी के पक्ष में अनुबंधित होगी, जमा की जायेगी । प्रत्येक टूर संचालक न्यनतम रू0 100/- मात्र वार्षिक पंजीकरण शुल्क के रूप में जमा करेगा ।
4. प्रत्येक टूर संचालक की यह जिम्मेदारी होगी कि अपने साथ कार्य करने वाले स्थानीय पोर्टर को भी प्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में पंजीकृत करावें एवं पंजीकरण का नवीनीकरण अनिवार्यतः प्रत्येक वर्ष माह फरवरी तक कराना सुनिश्चित करें ।
5. केवल स्थानीय प्रभागीय वनाधिकारी के यहां पंजीकृत पोर्टर को ही पर्वतारोहण अभियानदल के साथ उच्च पर्वतीय स्थलों पर जाने की अनुमति होगी ।
6. टूर संचालकों को स्थानीय पोर्टर्स का सामूहिक जीवन बीमा भी कराना अनिवार्य होगा ।
7. पोर्टर्स को चालू वित्तीय वर्षा हेतु संबंधित जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित मजदूरी को दरों से कम भुगतान नहीं किया जायेगा ।
8. टूर संचालकों को पर्वतारोहण अभियान दल के साथ जाने वाले पोर्टर हेतु उचित एवं आवश्यक परिधान, उनका बीमा, राशन एवं पर्याप्त ईधन की व्यवस्था करना होगा ।
9. पोर्टस/ सहायक/ गाइड को अपने पंजीकरण हेतु वन विभाग को कोई शुल्क का भुगतान नहीं करना है । प्रत्येक टूर संचालक, उनके साथ कार्य करने वाले पोर्टर/ सहायक/ गाइड को पर्यावरणीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण तथा कार्यशाला में शामिल कराना सुनिश्चित करेंगें ।
10. इस कार्यशाला के आयोजन के व्यय की प्रतिपूर्ति अभियान शुल्क जो राज्य सरकार को पर्वतारोहण से प्राप्त होगा, उससे किया जायेगा । इस कार्यशाला का प्रशिक्षण का कार्यवृत्त स्थानीय प्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में लिपिबद्ध किया जायेगा तथा इसकी प्रतियां प्रत्येक हितकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजी जायेगीं ।
11. प्रत्येक स्थानीय टूर संचालक को अपने कार्यालय स्थापित करना होगा एवं उसका स्पष्ट पता का उल्लेख करना होगा ।
12. पोर्टर द्वारा वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम , वन संरक्षण अधिनियम एवं अन्य पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित पोर्टस/ हैल्पर/ गाइड के साथ-साथ वह टूर संचालक भी जिम्मेदार होगा जिसके साथ वह पोर्टर पंजीकृत है । पोर्टर/ गाइड/ सहायक द्वारा किसी भी नियम, अधिनियम के उल्लंघन के परिप्रेक्ष्य में टूर आपरेटर जिम्मेदार होगा ।
उत्तराखण्ड में पर्वतारोहण में लगने वाले शुल्कों की दर
(पर्वतारोहण अभियान शुल्क)
1. पर्यावरण अभियान हेतु शुल्क की दरें निम्नवत होंगी :-
1.1 उत्तराखण्ड में स्थित निर्दिष्ट चोटी की निर्धारित रायल्टी (पीक फी)
1.2 रास्ते में पड़ने वाले कैम्प साइड फी (ट्रांजिट कैम्प तथा बेस कैम्प ) ट्रेल मैनेजमेंट शुल्क
1.3 राज्य सरकार का सेवा एवं प्रबन्धन शुल्क
1.4 पर्यावरण शुल्क
1.5 राष्ट्रीय पार्क एवं वन्य जीव विहार शुल्क (जहां अनुमन्य है )
1.6 राष्ट्रीय पार्क एवं वन्य जीव विहार में व्यावसायिक फिल्म तैयार करने का शुल्क(जहां अनुमन्य है )