राज्य पुष्प ब्रह्म कमलब्रह्म कमल का उल्लेख वेदों में भी मिलता है। कश्मीर, मध्य नेपाल, उत्तराखण्ड में फूलों की घाटी, केदारनाथ शिवालिंग बेस, पिंडारी ग्लेश्यिर आदि स्थानों में 3600 मी. से 4500 मी. की ऊँचाई पर पाया जाता है। पौधे की ऊँचाई 70-80 सेमी0 होती है। जुलाई से सितम्बर के मध्य यह जहाँ खिलता है वहाँ का वातावरण सुगन्ध से भर जाता है। पुष्प के चारों ओर कुछ पारदर्शी ब्लैडर के समान पत्तियों की रचना होती है, जिसको स्पर्श कर लेने मात्र से उसकी सुगन्ध कई घंटों तक अनुभव की जा सकती है। इसकी जड़ों में औषधीय गुण होते हैं। |
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राज्य वन्य पशु कस्तूरी मृग
भारत में यह लुप्तप्राय जीव कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड के केदारनाथ, फूलों की घाटी, हरसील घाटी तथा गोविन्द वन्य जीव विहार एवं सिक्किम के कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गया है। हिमालय क्षेत्र में यह देवदार, फर, भोजपत्र एवं बुरांश के वनों में लगभग 3600 मी0 से 4400 मी0 की ऊँचाई पर पाया जाता है। कंधे पर इसकी ऊँचाई 40 से 50 से0मी0 होती है, इस मृग के सींग नहीं होते हैं तथा उसके स्थान पर दो पैने दांत जबड़ों से बाहर निकले रहते हैं। शरीर घने बालों से ढका रहता है। इसकी नाभी में कस्तूरी नामक एक ग्रन्थि होती है। मादा वर्ष में एक या दो बार, 1-2 शवकों को जन्म देती है। |