1. वन पंचायतें
यह निर्णय लिया गया है कि पर्वतीय क्षेत्रो के प्रत्येक गॉंव में एक वन पंचायत होनी
चाहिए। अब तक 14643 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 12089
वन पंचायतों का गठन किया जा चुका है तथा सम्पूर्ण 14,643 ग्रामों में वन पंचायतें गठित
करने की कार्यवाही प्रगति में है। वन पंचायतों के माध्यम
से स्थानीय समुदाय की एफ0डी0ए0 की योजनाओं एवं बॉंस तथा वनोषधि इत्यादि के रोपण कार्यों
में भी भागीदारी सुनिश्चित
किये जाने की प्रक्रिया जारी है।
2. संयुक्त वन प्रबन्धन
वानिकी में संयुक्त वन प्रबन्धन एक महत्वपूर्ण एवं उभरता हुआ क्षेत्रा है। उत्तराखण्ड
के जिन ग्रामों में वन पंचायतें गठित नहीं थी वहॉं पर संयुक्त वन प्रबन्धन के अन्तर्गत
"ग्राम वन समितियों'' (VFCs) का गठन किया गया। ऐसे ग्राम जहॉं पर वन पंचायतें
गठित थी वहॉं की वन पंचायतों द्वारा संयुक्त वन प्रबन्धन के अन्तर्गत VFC के कार्य
संयुक्त वन प्रबन्धन नियमावली 2001 के प्राविधानों के अन्तर्गत किये जाते हैं। उत्तराखण्ड
विश्व वानिकी परियोजना के अन्तर्गत 1217 VFCs का गठन किया गया है। इनमें से लगभग
50 प्रतिशत
VFCs नई बनाई गई है एवं अन्य पूर्व गठित वन पंचायतों के अन्तर्गत आती
है।
3. वन विकास समितियाँ
भारत सरकार को विभिन्न वन प्रभागों से एफ. डी. ए. प्रोजेक्ट भेजे गये हैं, जिनमें से
34 प्रोजेक्ट के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कर दिए गए है।