नाप भूमि से उत्पादित
लीसे के भुगतान की अपनाई गयी प्रक्रियाः-
सचिव उत्तराखण्ड शासन वन एवं पर्यावरण अनुभाग-2
के शासनादेश संख्या 2349/1(2)ब.ग्रा.वि./2003-9(94)/2003 दिनांक 20-12-2003 द्वारा
उत्तराखण्ड राज्य में निजी नाप भूमि से उत्पादित लीसे के निस्तारण के सम्बन्ध में की
गयी व्यवस्था अनुसार वर्ष 2001 तथा उससे आगे के वर्षो में निजी छेवकों द्वारा उत्पादित
लीसे का भुगतान के लिये प्रत्येक वर्ष विशेष में लीसा फसल की खुली नीलामी में प्रदेश
स्तर पर प्राप्त होने वाले औसत मूल्य की धनराशि को आधार मूल्य से लीसा नाप छेवकों को
भुगतान करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।
वन पंचायतों द्वारा पंचायती वनों में किये जाने वाले कार्यों से प्राप्त लीसे का मूल्य
वन पंचायतों को नियमानुसार दिया जायेगा जिसे वे वन पंचायत नियमावली के तहत अपनी माइक्रोप्लान
के अनुसार व्यय करने के लिये स्वतंत्र हैं।
अतः उत्तराखण्ड के वनों में लीसे के निस्तारण, खुली नीलामी/मूल्य निर्धारण के सम्बन्ध
में शासन स्तर से स्थापित की गयी उक्त नई व्यवस्था के परिणाम स्वरूप लीसे के निस्तारण
में आशातीत सफलता दृष्टिगत हुई है। वर्तमान में उत्तराखण्ड स्थित आरक्षित वन, सिविल,
पंचायती, आई.वी.आर.आई. वन एवं नाप भूमि से लीसे का उत्पादन/ गढ़ान कार्य प्रगति पर है
तथा कथित वनों से शासनादेश में निहित निर्देशानुसार उत्पादित लीसे का निस्तारण कार्य
सफलतापूर्वक किया जा रहा है तथा वर्तमान लीसा नीति से लीसा निस्तारण में पारदर्शिता
व प्रतिस्पर्धा स्पष्ट दृष्टिगोचर हैं।