भूमि एवं जल संरक्षण योजनायें :-
वन विभाग द्वारा निम्न योजनायें कार्यान्वित की जा रही है :-
   (1) सिविल एवं सोयम वनों में भूमि संरक्षण एवं वनीकरण :- वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण एवं भूमि संरक्षण की यह योजना पर्वतीय क्षेत्रों के सिविल एवं सोयम वन क्षेत्रों में वर्ष 1974-75 से कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना के कार्यान्वयन से स्थानीय ग्रामीणों को ईंधन एवं चारा पत्ती उपलब्ध होने के साथ-साथ पर्वतीय  अंचलों में भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मिट्टी के कटान को रोक कर मैदानी क्षेत्रों में बरसात में बाढ़ की भयावह स्थिति को कम किया जाता है एवं अवनत हो रहे सिविल सोयम वनों का विकास किया जाता है। इस योजना में पौधारोपण के अतिरिक्त लघु अभियांत्रिक कार्य किये जाते है। इस योजना में  X;kjgoh पंचवर्षीय योजना में रु0 21317.03  लाख का परिव्यय प्रस्तावित है।
 
  (2) टिहरी बांध के जलागम क्षेत्रों में भूमि संरक्षण एवं वनीकरण :-
वन विभाग द्वारा यह योजना टिहरी बांध के  क्षेत्र में वर्ष 1982-83  से कार्यान्वित की जा रही है। टिहरी बांध के  जलागम क्षेत्र में भूमिक्षरण रोकने के लिये लघु अभियांत्रिक कार्य एवं वृक्षारोपण किया जाता है। इस योजना की व्यय की प्रतिपूर्ति टिहरी हाइड्रो-डेवलेपमेंट कारपोरेशन से होती है। X;kjgoh पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत 1874.50 लाख रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
 
  (3) रामगंगा के जलागम क्षेत्रों में नदीघाटी परियोजना (केन्द्र द्वारा पुरोनिधानित) :-
यह योजना 1962 से कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कालागढ़ के समीप रामगंगा नदी पर बने बांध को रेत एवं मिट्टी से भरने से बचाने एवं जलाशय की जीवन शक्ति बढाना है। वर्ष 1985-86 से इस योजना पर होने वाला पूरा व्यय केन्द्र द्वारा वहन किया जाता है। नवम्बर 2000 से यह  योजना भारत सरकार द्वारा मैकोमोड योजना में सम्मिलित किया गया है, जिसका संयोजक कृषि विभाग है। X;kjgoh पंचवर्षीय योजना (2007-12) में रु0 837.50 लाख का परिव्यय प्रस्तावित है।

   (4) सिन्धु गंगा बेसिन के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में समेकित जलागम प्रबंध ( केन्द्र द्वारा पुरोनिधानित) :- यह योजना वर्ष 1981-82  से लागू की  गई है। इस योजना के अन्तर्गत पर्वतीय  क्षेत्रो में अपर गंगा एवं अपर यमुना के क्षेत्रों में  भूमि क्षरण रोकने के लिये वृक्षारोपण एवं लघु अभियांत्रिक कार्य किये जा रहे है। 1985-86 से इसका सारा व्यय केन्द्र सरकार द्वारा किया जाता है। इस योजना को नवम्बर 2000 से भारत सरकार द्वारा  मैकोमोड योजना में सम्मिलित किया गया है, जिसका संयोजक कृषि विभाग है। X;kjgoh पंचवर्षीय योजना (2007-12) में रु0 1572.00 लाख का परिव्यय प्रस्तावित है।

 

Top